अंहु
अक्षि
अग्नि
अण्ड
अत्ति
अत्र
अध्वन्
अनिति
अन्त्र
अन्य
अप्
अल्प
अश्मन्
असृज्
अस्थि
अहम्
अहर्
आकाश
आगच्छति
आन्त्र
आर्द्र
आस
इदम्
उदर
उरु
ऋजु
एक
एति
क
कथम्
कदा
कर्ण
कर्षति
किञ्चिद्
किम्
कुण्ठ
कुत्र
कृन्तति
कृमि
कृष्ण
केश
क्लिन्न
क्षप्
क्षम्
क्षरति
क्षालयति
क्षिपति
खनति
खादति
गच्छति
गणयतिकलते
गल
गायति
गिरि
गुद
गुरु
ग्रीवा
घन
घर्षति
चतुर्
चन्द्र
चरति
चर्मन्
चिन्तयति
जङ्घ
जल
जानाति
जानु
जिघ्रति
जिह्वा
जीर्णवृद्ध
जीवति
तत्
तत्र
तनु
तप्त
तरु
ताडयति
तारा
तिष्ठति
तीक्ष्ण
तुषार
तुहिन
तृण
ते
तोज
त्रि
त्वच्
त्वम्
दक्षिण
दण्ड
ददाति
दन्त
दशति
दहति
दिन
दिवस
दीर्घ
दीव्यति
दुष्ट
दूर
दृश्
द्वि
धयति
धरति
धूम
न
नक्षत्र
नख
नदी
नभस्
नव
नस्
नासा
नुदति
नूतन
नेद
पक्ष
पक्षिन्
पञ्चन्
पतति
पति
पत्त्र
पत्नीभार्या
पथ
पद
पद्यते
पर्ण
पर्वत
पशु
पश्यति
पांसु
पाणि
पानीय
पाप
पालाशपलाश
पितृ
पिबति
पीतपीतल
पीवस्मेदस्
पुच्छ
पुरातन
पुरुषनर
पुष्प
पूति
पूर्ण
पृथ्वी
पृष्ठ
प्रति
प्लवते
फल
बध्नातिबन्धति
बहु
बालशिशु
बिभेति
बीज
भद्र
भयते
भास्कर
भिनत्ति
मत्स्य
मनुष्य
मन्यते
मलिन
महत्
मांस
मातृ
मानव
मार्ग
मार्ष्टि
मासचन्द्रमस्
मिह्
मुख
मूल
मृद्नाति
मेघ
म्रियते
यकृत्
युध्यते
यूका
यूयम्
रक्त
रजनी
रज्जु
रवि
रात्रिनक्ति
रेणु
रोहित
लवण
लिखति
वक्ति
वक्त्र
वन
वमति
वयम्
वर्तते
वर्तुल
वर्ष
वसु
वस्
वात
वाति
वायु
वारिउदन्
वि
विधति
वृक्ष
वृत्त
वेति
शिकता
शिरस्
शीत
शीयते
शुद्ध
शुष्क
शृङ्ग
शृणोति
शेते
श्लक्ष्ण
श्वन्
श्वयति
श्वेत
ष्ठीवति
स
संवत्सर
सत्य
समल
समुद्र
सरति
सरस्
सर्प
सर्व
सव्य
साधु
सीदति
सीव्यति
सूर
सूर्य
स्तन
स्तृ
स्त्री
स्निग्ध
स्मयते
स्वपिति
हन्ति
हरित
हरित्
हसति
हस्त
हिम
हृदय
ह्रस्व
